

1.dentify the problem clearly.
2. Break down the problem into smaller components.
3. Research possible solutions or alternatives.
4. Evaluate each solution's feasibility and effectiveness.
5. Choose the most practical and viable solution.
6. Develop a step-by-step action plan.
7. Implement the chosen solution systematically.
8. Monitor and assess the progress regularly.
9. Adjust the approach if needed based on feedback.
10. Reflect on the experience and lessons learned for future problem-solving.
1. समस्या को स्पष्ट रूप से पहचानें.
2. समस्या को छोटे-छोटे घटकों में विभाजित करें।
3. संभावित समाधानों या विकल्पों पर शोध करें।
4. प्रत्येक समाधान की व्यवहार्यता और प्रभावशीलता का मूल्यांकन करें।
5. सबसे व्यावहारिक और व्यवहार्य समाधान चुनें।
6. चरण-दर-चरण कार्य योजना विकसित करें.
7. चुने गए समाधान को व्यवस्थित रूप से लागू करें।
8. प्रगति की नियमित रूप से निगरानी और मूल्यांकन करें।
9. यदि आवश्यक हो तो फीडबैक के आधार पर दृष्टिकोण को समायोजित करें।
10. भविष्य की समस्या-समाधान के लिए अनुभव और सीखे गए पाठों पर विचार करें।
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